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तिहाड़ में बंद भाइयों की कलाई पर राखी नहीं बांध सकेंगी बहनें, कोरोना के कारण जेल प्रशासन ने लिया फैसला

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अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Updated Sun, 02 Aug 2020 10:14 PM IST

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तिहाड़ जेल में बंद कैदियों की कलाई पर उनकी बहनें इस बार राखी नहीं बांध सकेंगी। कोरोना महामारी को लेकर जेल प्रशासन ने यह कदम उठाया है। हालांकि, बहनों को डाक के जरिए राखी भेजने की सुविधा दी गई है। साथ ही रक्षाबंधन के दिन जेल प्रशासन कैदियों को उनकी बहनों से फोन पर भी बात कराएगा।

जेल सूत्रों के मुताबिक, पांच साल पहले तिहाड़ जेल में रक्षाबंधन धूमधाम से मनाया जाता था। इसके लिए जेल प्रशासन काफी पहले से तैयारी व इंतजाम में जुट जाता था। बहनों को जेल में उनके भाइयों से मिलकर उनकी कलाई में राखी बांधने का अवसर दिया जाता था, लेकिन बाद में सुरक्षा कारणों की वजह से इसे बंद कर दिया गया। उसके बाद से बहनें जेल में बंद अपने भाइयों के लिए डाक के जरिए ही राखी भेजती थी। उम्मीद थी कि जेल प्रशासन पुरानी परंपरा के मुताबिक बहनों को इस वर्ष उनके भाइयों की कलाई में राखी बांधने का अवसर प्रदान करेगा।

जेल प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि इस वर्ष कोरोना महामारी को लेकर कैदियों से मुलाकात कराना मुमकिन नहीं है। हालांकि, पिछले सालों की तरह ही डाक से राखी भेजने की सुविधा दी गई है। इस बार जेल प्रशासन ने तय किया है कि कैदियों को रक्षाबंधन के दिन उनकी बहनों से बात कराएगा।

तिहाड़ जेल में बंद कैदियों की कलाई पर उनकी बहनें इस बार राखी नहीं बांध सकेंगी। कोरोना महामारी को लेकर जेल प्रशासन ने यह कदम उठाया है। हालांकि, बहनों को डाक के जरिए राखी भेजने की सुविधा दी गई है। साथ ही रक्षाबंधन के दिन जेल प्रशासन कैदियों को उनकी बहनों से फोन पर भी बात कराएगा।

जेल सूत्रों के मुताबिक, पांच साल पहले तिहाड़ जेल में रक्षाबंधन धूमधाम से मनाया जाता था। इसके लिए जेल प्रशासन काफी पहले से तैयारी व इंतजाम में जुट जाता था। बहनों को जेल में उनके भाइयों से मिलकर उनकी कलाई में राखी बांधने का अवसर दिया जाता था, लेकिन बाद में सुरक्षा कारणों की वजह से इसे बंद कर दिया गया। उसके बाद से बहनें जेल में बंद अपने भाइयों के लिए डाक के जरिए ही राखी भेजती थी। उम्मीद थी कि जेल प्रशासन पुरानी परंपरा के मुताबिक बहनों को इस वर्ष उनके भाइयों की कलाई में राखी बांधने का अवसर प्रदान करेगा।

जेल प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि इस वर्ष कोरोना महामारी को लेकर कैदियों से मुलाकात कराना मुमकिन नहीं है। हालांकि, पिछले सालों की तरह ही डाक से राखी भेजने की सुविधा दी गई है। इस बार जेल प्रशासन ने तय किया है कि कैदियों को रक्षाबंधन के दिन उनकी बहनों से बात कराएगा।

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