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नासा का Mars 2020 मिशन लॉन्च, मंगल पर हेलिकॉप्टर उड़ाने की तैयारी

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NASA launches Perseverance rover: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का मिशन Mars 2020 फ्लोरिडा के केप कनेवरल में केनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च हो गया है। इस मिशन में Perserverance रोवर को मंगल की सतह पर भेजा जा रहा है। अपने मिशन के दौरान यह रोवर नासा के सतह पर पुराने जीवन की जानकारी इकठ्ठा करेगा।

Edited By Priyesh Mishra | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

नासा का मार्स 2020 मिशन लॉन्च
हाइलाइट्स

  • मंगल ग्रह पर 8 सफल लैंडिंग के बाद नासा का मार्स 2020 मिशन लॉन्च
  • इस दौरान मंगल ग्रह पर मार्स हेलिकॉप्टर को उड़ाएगा नासा, Ingenuity दिया नाम
  • Perseverance रोवर की मदद से मंगल ग्रह के नमूने को धरती पर लाने की तैयारी

फ्लोरिडा

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का मिशन Mars 2020 फ्लोरिडा के केप कनेवरल में केनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च हो गया है। इस मिशन में Perserverance रोवर को मंगल की सतह पर भेजा जा रहा है। अपने मिशन के दौरान यह रोवर नासा के सतह पर पुराने जीवन की जानकारी इकठ्ठा करेगा। इसके अतिरिक्त यह रोवर मंगल की सतह से पत्थर और मिट्टी को धरती पर भी लेकर आएगा।

ऐस्ट्रोबायॉलजी से जुड़े कई सवालों के जवाब खोजेगा रोवर

NASA का Perseverance ऐस्ट्रोबायॉलजी से जुड़े कई अहम सवालों के जवाब खोजेगा जिनमें से सबसे बड़ा सवाल है- क्या मंगल पर जीवन संभव है? यह मिशन न सिर्फ मंगल पर ऐसी जगहों की तलाश करेगा जहां पहले कभी जीवन रहा हो बल्कि अभी वहां मौजूद माइक्रोबियल जीवन के संकेत भी खोजेगा।

Perseverance रोवर कोर वहां चट्टानों और मिट्टी से सैंपल लेगा और मंगल की सतह पर एक cache में रख देगा। भविष्य में वहां जाने वाले मिशन इन सैंपल्स को धरती पर वापस लेकर आएंगे। दरअसल, इन सैंपल्स को स्टडी करने के लिए वैज्ञानिकों को बड़े लैब की जरूरत होगी जिसे मंगल पर ले जाना संभव नहीं है।

Perseverance के साथ मंगल पर भेजा जा रहा हेलिकॉप्टर

इस रोवर के साथ Ingenuity नाम का एक छोटा हेलिकॉप्टर भी जा रहा है। जो मंगल की सतह पर अकेले उड़ान भरने का प्रयास करेगा। मंगल के बेहद विरल वातावरण के बीच उड़ान भरने के दौरान यह हेलिकॉप्टर सतह से 10 फीट ऊंचा उठेगा और एक बार में 6 फीट आगे तक जाएगा। हर प्रयास के साथ यह और आगे बढ़ने की कोशिश करेगा।

मंगल पर हेलिकॉप्टर उड़ाने की तैयारी में नासा, 30 जुलाई को लॉन्च करेगा स्पेसक्राफ्ट

मंगल पर जीवन की खोज करेगा रोवर

Perseverance रोवर में अत्याधुनिक लैंडिंग तकनीकी से लैस है। इसके अलावा इस रोवर में कई कैमरे और माइक्रोफोन लगे हैं, जो मंगल ग्रह की तस्वीरें और वहां की आवाज को रिकॉर्ड करेंगे। इसमें लगे सुपर-सैनिटाइज्ड सैंपल रिटर्न ट्यूब्स चट्टानों से नमूने इकट्ठा करेंगे जिससे मंगल पर प्राचीन काल में मानव जीवन होने का सबूत ढूंढा जाएगा।

इन सवालों के जवाब खोजने होंगे

  • इन सवालों के जवाब खोजने होंगे

    NASA का Perseverance ऐस्ट्रोबायॉलजी से जुड़े कई अहम सवालों के जवाब खोजेगा जिनमें से सबसे बड़ा सवाल है- क्या मंगल पर जीवन संभव है? यह मिशन न सिर्फ मंगल पर ऐसी जगहों की तलाश करेगा जहां पहले कभी जीवन रहा हो बल्कि अभी वहां मौजूद माइक्रोबियल जीवन के संकेत भी खोजेगा। Perseverance रोवर कोर वहां चट्टानों और मिट्टी से सैंपल लेगा और मंगल की सतह पर एक cache में रख देगा। भविष्य में वहां जाने वाले मिशन इन सैंपल्स को धरती पर वापस लेकर आएंगे। दरअसल, इन सैंपल्स को स्टडी करने के लिए वैज्ञानिकों को बड़े लैब की जरूरत होगी जिसे मंगल पर ले जाना संभव नहीं है।

  • इस मिशन का क्या मकसद?

    इसके अलावा मिशन ऐसी जानकारियां इकट्ठा करने और टेक्नॉलजी टेस्ट करने का मौका मिलेगा जिनसे आने वाले समय में मंगल पर इंसानों को भेजने की चुनौतियों को आसान करने में मदद मिलेगी। इसमें सबसे अहम होगा मंगल के वायुमंडल में ऑक्सिजन बनाने का तरीका खोजना। इनके अलावा सतह पर पानी खोजना, लैंड करने के बेहतर तरीके इजाद करना, ऐस्ट्रोनॉट्स के रहने लायक मौसम, धूल और पर्यावरण की स्थिति खोजना भी इस मिशन में शामिल है। Perseverance ऐसे प्रोटोटाइप स्पेससूट का मटीरियल भी लेकर जाएगा जिसे भविष्य में ऐस्ट्रोनॉट्स के लिए तैयार करने में इस्तेमाल किया जा सकता है और इस मटीरियल का वहां के हिसाब से टेस्ट करेगा।

  • ऐसे करेगा लैंड

    Perseverance में एक कोन के शेप का बैकशेल पैराशूट के साथ अटैच किया गया है जो हीट शील्ड के साथ मंगल के वायुमंडल में एंट्री के वक्त रोवर की सुरक्षा करेगा। जुलाई से अगस्त के बीच के वक्त पृथ्वी और मंगल एक-दूसरे के संबंध में इस तरह से होते हैं जिससे मंगल पर लैंडिंग करना आसान हो सकता है। इनके बीच की दूरी ऐसी है जिससे कम समय और ईंधन से मंगल पर पहुंचा जा सकता है। यह लॉन्च के बाद फरवरी, 2021 तक मंगल के Jezero Crater पर लैंड कर सकता है।

  • पृथ्वी से बाहर पहली बार उड़ेगा हेलिकॉप्टर Ingenuity

    मंगल पर लैंड होने के बाद इसका छोटा हेलिकॉप्टर Ingenuity रिलीज होगा। इससे पहले कभी पृथ्वी के वायुमंडल को छोड़कर कहीं और कोई रोटरक्राफ्ट नहीं उड़ाया गया है। Ingenuity इसी का डेमो मंगल पर करेगा। यह हेलिकॉप्टर सतह से 10 फीट ऊंचा उठेगा और एक बार में 6 फीट आगे तक जाएगा। यह मुश्किल से 15 मिनट के लिए उड़ान भरेगा लेकिन इससे आने वाले समय में इस टेक्नॉलजी के इस्तेमाल को लेकर जानकारी मिल सकेगी ताकि ऐसी जगहों पर भी स्टडी की जा सके जहां रोवर या इंसान नहीं जा सकेंगे।

  • भारत से क्या कनेक्शन?

    खास बात यह है कि Ingenuity का नाम भारतीय मूल की स्टूडेंट वनीजा रुपाणी ने रखा है। NASA ने ‘नेम द रोवर’ नाम की प्रतियोगिता कराई थी जिसमें वनीजा ने अपनी एंट्री भेजी थी। 28 हजार निबंधों में से वनीजा के निबंध को चुना गया जिसमें उन्होंने लिखा था- ‘इंजनुइटी वह चीज है जो अद्भुत चीजें सिद्ध करने में लोगों की मदद करता है। यह ब्रह्मांड के हर कोने में हमारे क्षितिजों को विस्तारित करने में मदद करेगा।’

  • 'इतिहास में जरूर था जीवन...'

    इस मिशन को लेकर NASA के ऐडमिनिस्ट्रेटर जिम ब्राडेन्स्टीन ने कहा है, ‘हमें नहीं पता की वहां जीवन है या नहीं लेकिन हम यह जानते हैं कि इतिहास में एक समय था जब मंगल रहने योग्य था।’ केवल अमेरिका मंगल तक अपना अंतरिक्षयान सफलतापूर्व पहुंचा पाया है। वह 1976 में Vikings से शुरुआत करके आठ बार ऐसा कर चुका है। 6 अन्य अंतरिक्ष यान केंद्र से ग्रह का अध्ययन कर रहे हैं। इनमें से तीन अमेरिका, दो यूरोप और एक भारत का है। लॉन्च को @NASAPersevere के ट्विटर हैंडल, यूट्यूब चैनल और ऑफिशल वेबसाइट- https://www.nasa.gov/nasalive पर भी लइव देखा जा सकता है। देश-दुनिया और आपके शहर की हर खबर अब Telegram पर भी। हमसे जुड़ने के लिए यहां क्‍ल‍िक करें और पाते रहें हर जरूरी अपडेट।

इस मिशन का क्या मकसद?

मिशन ऐसी जानकारियां इकट्ठा करने और टेक्नॉलजी टेस्ट करने का मौका मिलेगा जिनसे आने वाले समय में मंगल पर इंसानों को भेजने की चुनौतियों को आसान करने में मदद मिलेगी। इसमें सबसे अहम होगा मंगल के वायुमंडल में ऑक्सिजन बनाने का तरीका खोजना। इनके अलावा सतह पर पानी खोजना, लैंड करने के बेहतर तरीके इजाद करना, ऐस्ट्रोनॉट्स के रहने लायक मौसम, धूल और पर्यावरण की स्थिति खोजना भी इस मिशन में शामिल है। Perseverance ऐसे प्रोटोटाइप स्पेससूट का मटीरियल भी लेकर जाएगा जिसे भविष्य में ऐस्ट्रोनॉट्स के लिए तैयार करने में इस्तेमाल किया जा सकता है और इस मटीरियल का वहां के हिसाब से टेस्ट करेगा।

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Web Title nasa launches perseverance rover on mission to mars live updates mars 2020(Hindi News from Navbharat Times , TIL Network)

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