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लद्दाख में पेट्रोलिंग के दौरान उत्तराखंड का जवान शहीद, आज पैतृक गांव में होगा अंतिम संस्कार

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न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, लालपुर
Updated Mon, 20 Jul 2020 04:11 PM IST

शहीद जवान देव बहादुर
– फोटो : अमर उजाला (File Photo)

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लद्दाख में पेट्रोलिंग के दौरान ग्राम गौरीकला निवासी गोरखा रेजीमेंट के जवान देव बहादुर शहीद हो गए। शहीद का अंतिम संस्कार आज पैतृक गांव में किया जाएगा। देव चार साल पहले ही गोरखा रेजीमेंट में भर्ती हुए थे। शहीद के भाई ने बताया कि जमीन में बिछी माइन में हुए विस्फोट की चपेट में आकर उनका भाई शहीद हुआ है।

लद्दाख में देश रक्षा करते हुए शहीद हुआ भाई, इकलौती बहन के हाथ पीले करने की हसरत रह गई अधूरी

क्षेत्र के ग्राम गौरीकला में शेर बहादुर अपने परिवार के साथ रहते हैं। उनके तीन बेटे और एक बेटी हैं। बड़ा बेटा किशन बहादुर ग्वालियर में आर्मी में तैनात है, जबकि दूसरे नंबर का बेटा देव बहादुर (24) वर्ष 2016 में गोरखा रेजीमेंट में भर्ती होने के बाद वर्तमान में लद्दाख में तैनात था।

शनिवार देर रात देव बहादुर के एक हादसे में गंभीर रूप से घायल होने की सूचना परिजनों को ग्राम प्रधान लक्ष्मी यादव से मिली। सेना के अधिकारियों से जब इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने देव बहादुर की शहादत की खबर दी।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने किच्छा निवासी 24 वर्षीय जवान करन देव उर्फ देव बहादुर की शहादत को नमन किया। गोरखा रेजिमेंट के जवान करन देव लेह-लद्धाख सीमा पर अपना फर्ज निभाते हुए शहीद हो गए।

वह गौरीकला किच्छा के निवासी थे। मुख्यमंत्री ने ईश्वर से शहीद के परिजनों को धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हमेशा शहीद के परिजनों के साथ खड़ी है। 

शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तिलक राज बेहड़ किच्छा के गौरीकला में शहीद के घर पहुंचे। परिजनों को सांत्वना दी।

लद्दाख में पेट्रोलिंग के दौरान ग्राम गौरीकला निवासी गोरखा रेजीमेंट के जवान देव बहादुर शहीद हो गए। शहीद का अंतिम संस्कार आज पैतृक गांव में किया जाएगा। देव चार साल पहले ही गोरखा रेजीमेंट में भर्ती हुए थे। शहीद के भाई ने बताया कि जमीन में बिछी माइन में हुए विस्फोट की चपेट में आकर उनका भाई शहीद हुआ है।

लद्दाख में देश रक्षा करते हुए शहीद हुआ भाई, इकलौती बहन के हाथ पीले करने की हसरत रह गई अधूरी

क्षेत्र के ग्राम गौरीकला में शेर बहादुर अपने परिवार के साथ रहते हैं। उनके तीन बेटे और एक बेटी हैं। बड़ा बेटा किशन बहादुर ग्वालियर में आर्मी में तैनात है, जबकि दूसरे नंबर का बेटा देव बहादुर (24) वर्ष 2016 में गोरखा रेजीमेंट में भर्ती होने के बाद वर्तमान में लद्दाख में तैनात था।

शनिवार देर रात देव बहादुर के एक हादसे में गंभीर रूप से घायल होने की सूचना परिजनों को ग्राम प्रधान लक्ष्मी यादव से मिली। सेना के अधिकारियों से जब इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने देव बहादुर की शहादत की खबर दी।


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शहीद के परिजनों को धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना की

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