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उत्तराखंड : ऑलवेदर रोड पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बनी हाईपावर कमेटी की बैठक को लेकर विवाद

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न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

Updated Sun, 18 Oct 2020 01:30 AM IST

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ऑलवेदर रोड को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बनी उच्चाधिकार प्राप्त निगरानी समिति की शनिवार को हुई बैठक को लेकर विवाद हो गया है। समिति के अध्यक्ष और पीएसआई के पूर्व निदेशक रवि चौपड़ा सहित दो अन्य सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। वे बैठक में शामिल ही नहीं हुए।

बिना अध्यक्ष की अनुमति के बैठक बुलाने से नाराज चौपड़ा ने मुख्य सचिव और सदस्य सचिव को पत्र भी लिखा और बैठक को अनाधिकृत करार दिया। समिति हर तीन माह में निर्माण कार्य की समीक्षा करती है और सुप्रीम कोर्ट को रिपोर्ट करती है।

समिति के सदस्य सचिव और प्रभारी सचिव वन रविनाथ रमन की ओर से बैठक बुलाने पर समिति के अध्यक्ष ने समिति की स्वायत्तता का सवाल उठाया। अध्यक्ष का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बनी समिति की बैठक को बुलाने के लिए मुख्य सचिव किस तरह से सदस्य सचिव को आदेश जारी कर सकते हैं। शुक्रवार को अध्यक्ष चौपड़ा की ओर से रविनाथ रमन को पत्र लिखकर बैठक के लिए जारी किए गए आदेश को निरस्त करने को भी कहा गया था।

इसी के साथ उन्होंने मुख्य सचिव को भी पत्र लिखकर बैठक बुलाने के तरीके पर आपत्ति जताई थी। कहा था कि इसे कमेटी के कार्य में दखल माना जाएगा। इसी तरह समिति के सदस्य नवीन जुयाल और हेमंत ध्यानी ने भी बैठक में हिस्सा नहीं लिया। इनकी ओर से जारी ब्यान में साफ कहा गया कि अध्यक्ष की अनुमति के बिना बैठक बुलाना समिति के अधिकारों का हनन है।

अध्यक्ष रवि चौपड़ा की ओर से समिति के सदस्य सचिव रविनाथ रमन को लिखे पत्र में अध्यक्ष ने साफ कहा कि सुप्रीम कोर्ट की निगरानी समिति स्वायत्त है। समिति का सदस्य सचिव सुप्रीम कोर्ट के प्रति जवाबदेह है न कि राज्य सरकार के प्रति। पत्र के मुताबिक समिति की बैठक मुख्य सचिव के आदेश पर बुलाई गई। 

सदस्य सचिव बनने के तुरंत बाद ही बुला ली गई बैठक

निगरानी समिति के अध्यक्ष ने रविनाथ रमन को समिति के सदस्य सचिव का दायित्व देने के तुरंत बाद बैठक बुलाने पर भी सवाल उठाया है। समिति अध्यक्ष के पत्र के मुताबिक रविनाथ रमन को 15 अक्तूबर को दायित्व दिया गया और तुरंत बाद ही बैठक बुलाने को कहा गया। अध्यक्ष की ओर से पांच अक्तूबर को पत्र लिखकर सदस्य सचिव नियुक्त करने को कहा गया था।

हाईपावर कमेटी की बैठक के बारे में रविनाथ रमन बताएंगे। वह समिति के सदस्य सचिव हैं। मैं समिति का सदस्य नहीं हूं। मैंने उन्हें बैठक बुलाने के लिए कहा था, लेकिन बैठक कैसे बुलाएं, कैसे नहीं बुलाएं, यह उन्हें तय करना है।

– ओम प्रकाश, मुख्य सचिव, उत्तराखंड शासन

ऑलवेदर रोड को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बनी उच्चाधिकार प्राप्त निगरानी समिति की शनिवार को हुई बैठक को लेकर विवाद हो गया है। समिति के अध्यक्ष और पीएसआई के पूर्व निदेशक रवि चौपड़ा सहित दो अन्य सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। वे बैठक में शामिल ही नहीं हुए।

बिना अध्यक्ष की अनुमति के बैठक बुलाने से नाराज चौपड़ा ने मुख्य सचिव और सदस्य सचिव को पत्र भी लिखा और बैठक को अनाधिकृत करार दिया। समिति हर तीन माह में निर्माण कार्य की समीक्षा करती है और सुप्रीम कोर्ट को रिपोर्ट करती है।

समिति के सदस्य सचिव और प्रभारी सचिव वन रविनाथ रमन की ओर से बैठक बुलाने पर समिति के अध्यक्ष ने समिति की स्वायत्तता का सवाल उठाया। अध्यक्ष का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बनी समिति की बैठक को बुलाने के लिए मुख्य सचिव किस तरह से सदस्य सचिव को आदेश जारी कर सकते हैं। शुक्रवार को अध्यक्ष चौपड़ा की ओर से रविनाथ रमन को पत्र लिखकर बैठक के लिए जारी किए गए आदेश को निरस्त करने को भी कहा गया था।

इसी के साथ उन्होंने मुख्य सचिव को भी पत्र लिखकर बैठक बुलाने के तरीके पर आपत्ति जताई थी। कहा था कि इसे कमेटी के कार्य में दखल माना जाएगा। इसी तरह समिति के सदस्य नवीन जुयाल और हेमंत ध्यानी ने भी बैठक में हिस्सा नहीं लिया। इनकी ओर से जारी ब्यान में साफ कहा गया कि अध्यक्ष की अनुमति के बिना बैठक बुलाना समिति के अधिकारों का हनन है।


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सदस्य सचिव से कहा, आप सुप्रीम कोर्ट के लिए जवाबदेह, सरकार के लिए नहीं

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