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पेरिस: बच्चे से पैगंबर मोहम्मद के कार्टून पर की चर्चा तो शिक्षक का सिर काटा, राष्ट्रपति मैक्रों ने बताया- आतंकी घटना

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वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पेरिस

Updated Sat, 17 Oct 2020 11:42 AM IST

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फ्रांस में पिछले तीन हफ्ते में दूसरी बार आतंकी घटना हुई है। इस बार फ्रांस की राजधानी पेरिस के उत्तर-पूर्वी इलाके में पैगंबर मोहम्मद को लेकर हुए विवाद में दो लोगों की जान चली गई। एक शख्स ने अपने बच्चे के इतिहास के शिक्षक का सिर इसलिए काट दिया क्योंकि उसने पैगंबर मोहम्मद का कार्टून बच्चों को दिखाया और उस पर चर्चा की। बाद में हमलावर को पुलिस कार्रवाई में ढेर कर दिया गया। 

एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक अध्यापक की हरकत से नाराज हमलावर ने चाकू से उसका सिर काट दिया। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची तो आरोपी भाग निकला। करीब 600 मीटर दूर जाकर वह जोर से नारे लगाने लगा और पुलिस को बंदूक दिखाकर सरेंडर करने से इनकार कर दिया। उसने हमले के लिए बंदूक तानी तो पुलिसबल ने जवाबी कार्रवाई करते हुए उसे मार गिराया।

राष्ट्रपति मैक्रों ने बताया आतंकवादी हमला

राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इसे इस्लामिक आतंकवादी हमला करार दिया है और देश से चरमपंथ के खिलाफ एकजुट होने का आग्रह किया। अधिकारियों ने बताया कि इतिहास के इस अध्यापक ने पैगंबर मोहम्मद का कार्टून बच्चों को दिखाया। 

राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कोनफ्लांस-सेंट-होनोरीन कस्बे के उस विद्यालय का दौरा किया जहां मृतक इतिहास के अध्यापक के रूप में काम करता था। इस दौरान उन्होंने विद्यालय के स्टाफ से भी मुलाकात की। वहीं, घटनास्थल पर तीन एंबुलेंस देखने को मिली और पूरे इलाके में भारी संख्या में हथियारबंद पुलिसकर्मी तैनात दिखाई दिए। 

मैक्रों ने कहा, हमारे एक हमवतन की आज इसलिए हत्या कर दी गई क्योंकि उसने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, विश्वास करने या न मानने की स्वतंत्रता सिखाई थी। उन्होंने कहा, इस हमले से फ्रांस बंटना नहीं चाहिए, क्योंकि चरमपंथी के मंसूबे यही है। हमें नागरिकों की तरह एक साथ खड़े रहना होगा। 

फ्रांस में दूसरा सबसे बड़ा धर्म है इस्लाम

फ्रांस में यह घटना तब सामने आई है, जब मैक्रों सरकार इस्लामिक कट्टरपंथियों को लेकर एक विधेयक पर काम कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि चरमपंथी फ्रांसीसी गणराज्य के मूल्यों के बाहर एक समानांतर समाज बना रहे हैं। पश्चिमी यूरोप में फ्रांस में मुस्लिमों की सबसे बड़ी आबादी है। फ्रांस में 50 लाख मुस्लिम रहते हैं और इस्लाम देश का दूसरा सबसे बड़ा धर्म है। 

चार लोगों को हिरासत में लिया गया

फ्रांसीसी आतंकवाद विरोधी अभियोजक ने अध्यापक की हत्या के पीछे संदिग्ध आतंकवादी उद्देश्य को लेकर जांच शुरू की है। आतंकवाद विरोधी अभियोजक जीन-फ्रेंकोइस रिकार्ड के कार्यालय ने बताया कि घटना के कुछ घंटों बाद भी चार लोगों को हिरासत में लिया गया है, इसमें एक नाबालिग भी शामिल है।  

फ्रांस में पिछले तीन हफ्ते में दूसरी बार आतंकी घटना हुई है। इस बार फ्रांस की राजधानी पेरिस के उत्तर-पूर्वी इलाके में पैगंबर मोहम्मद को लेकर हुए विवाद में दो लोगों की जान चली गई। एक शख्स ने अपने बच्चे के इतिहास के शिक्षक का सिर इसलिए काट दिया क्योंकि उसने पैगंबर मोहम्मद का कार्टून बच्चों को दिखाया और उस पर चर्चा की। बाद में हमलावर को पुलिस कार्रवाई में ढेर कर दिया गया। 

एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक अध्यापक की हरकत से नाराज हमलावर ने चाकू से उसका सिर काट दिया। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची तो आरोपी भाग निकला। करीब 600 मीटर दूर जाकर वह जोर से नारे लगाने लगा और पुलिस को बंदूक दिखाकर सरेंडर करने से इनकार कर दिया। उसने हमले के लिए बंदूक तानी तो पुलिसबल ने जवाबी कार्रवाई करते हुए उसे मार गिराया।

राष्ट्रपति मैक्रों ने बताया आतंकवादी हमला
राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इसे इस्लामिक आतंकवादी हमला करार दिया है और देश से चरमपंथ के खिलाफ एकजुट होने का आग्रह किया। अधिकारियों ने बताया कि इतिहास के इस अध्यापक ने पैगंबर मोहम्मद का कार्टून बच्चों को दिखाया। 

राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कोनफ्लांस-सेंट-होनोरीन कस्बे के उस विद्यालय का दौरा किया जहां मृतक इतिहास के अध्यापक के रूप में काम करता था। इस दौरान उन्होंने विद्यालय के स्टाफ से भी मुलाकात की। वहीं, घटनास्थल पर तीन एंबुलेंस देखने को मिली और पूरे इलाके में भारी संख्या में हथियारबंद पुलिसकर्मी तैनात दिखाई दिए। 

मैक्रों ने कहा, हमारे एक हमवतन की आज इसलिए हत्या कर दी गई क्योंकि उसने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, विश्वास करने या न मानने की स्वतंत्रता सिखाई थी। उन्होंने कहा, इस हमले से फ्रांस बंटना नहीं चाहिए, क्योंकि चरमपंथी के मंसूबे यही है। हमें नागरिकों की तरह एक साथ खड़े रहना होगा। 

फ्रांस में दूसरा सबसे बड़ा धर्म है इस्लाम

फ्रांस में यह घटना तब सामने आई है, जब मैक्रों सरकार इस्लामिक कट्टरपंथियों को लेकर एक विधेयक पर काम कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि चरमपंथी फ्रांसीसी गणराज्य के मूल्यों के बाहर एक समानांतर समाज बना रहे हैं। पश्चिमी यूरोप में फ्रांस में मुस्लिमों की सबसे बड़ी आबादी है। फ्रांस में 50 लाख मुस्लिम रहते हैं और इस्लाम देश का दूसरा सबसे बड़ा धर्म है। 

चार लोगों को हिरासत में लिया गया

फ्रांसीसी आतंकवाद विरोधी अभियोजक ने अध्यापक की हत्या के पीछे संदिग्ध आतंकवादी उद्देश्य को लेकर जांच शुरू की है। आतंकवाद विरोधी अभियोजक जीन-फ्रेंकोइस रिकार्ड के कार्यालय ने बताया कि घटना के कुछ घंटों बाद भी चार लोगों को हिरासत में लिया गया है, इसमें एक नाबालिग भी शामिल है।  

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