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ऑनलाइन शिक्षा से 70% बच्‍चे वंचित, शिक्षक भी नहीं दिखा रहे रुचि Koderma News

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Publish Date:Mon, 21 Sep 2020 09:16 AM (IST)

कोडरमा, जासं। Online Education कोरोना काल में ऑनलाइन शिक्षा जरूरत बन गई है। प्राइवेट स्कूलों के साथ-साथ सरकारी विद्यालयों के बच्चों को भी डिजिटल शिक्षा प्रणाली से जोड़कर उन्हें बेहतर बनाने के प्रयास जारी है। लॉकडाउन के बाद से शुरू हुई यह सेवा सरकारी विद्यालयों में रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है। कोडरमा में एक माह पूर्व तक स्थिति काफी सुस्त था, लेकिन लगातार मॉनिटरिंग से स्थिति में सुधार की संभावना बढ़ रही है। वर्तमान में करीब 70 फीसद बच्चे अब भी इस सिस्टम से दूर है।

हालांकि इसके कई कारण हैं। इनमें सबसे प्रमुख कमजोर नेटवर्क व बच्चों के पास एंड्रॉयड मोबाइल की उपलब्धता है। प्राथमिक व मध्य विद्यालयों के साथ-साथ उच्च व उच्चतर विद्यालयों की स्थिति भी काफी खराब रही है। बहरहाल, सरकार स्तर से प्रज्ञाता गाइडलाइन का अनुपालन कर ऑनलाइन शिक्षा पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए शिक्षकों को भी ट्रेनिंग की व्यवस्था की गई है, ताकि प्लान के साथ बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा का लाभ दिया जा सके।

खास जोर बच्चों के मोबाइल के गलत इस्तेमाल को भी रोकना है। इधर, सरकार स्तर से ऑनलाइन शिक्षा के लिए डीजीसाथ कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इस कार्यक्रम के तहत हर सप्ताह शनिवार को बच्चों का ई-टेस्ट लिया जाता है। लेकिन इसमें बच्चों की भागीदारी की स्थिति खराब है। कोडरमा प्रखंड को छोड़ अन्य प्रखंडों से काफी कम बच्चों की भागीदारी वहां के शिक्षकों की सक्रियता पर सवाल उठा रहा है। ऐसे में जिला शिक्षा पदाधिकारी ने गंभीरता से लेते हुए कार्यक्रम में सुस्ती बरतने वाले शिक्षकों के वेतन बंद करने की चेतावनी दी है।

उच्च व प्लस टू विद्यालयों की बात की जाए तो यहां और भी स्थिति खराब है। अधिकतर उच्च विद्यालय भी ऑनलाइन शिक्षा में रूचि नहीं दिखा रहे है। ऐसे में छात्र-छात्राओं के लिए और बड़ा संकट भी बनते जा रहा है। डीजी साथ कार्यक्रम के जिला प्रभारी निलेश शर्मा के अनुसार मरकच्चो, चंदवारा, सतगांवां, जयनगर प्रखंड का प्रदर्शन काफी खराब है।

रूचि नहीं दिखाने वाले शिक्षकों को जिला शिक्षा पदाधिकारी स्तर से अल्टीमेटम दिया गया है। उच्च व प्लस टू के कई विद्यालय भी डीजीसाथ कार्यक्रम में सहयोग नहीं कर रहें है। ऐसे शिक्षकों को डीईओ स्तर से कड़ा निर्देश देते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को दीक्षा पोर्टल की जानकारी दी गई है। इसमें क्लास वन से 12 तक सभी बोर्ड के सभी विषयों का मैटीरियल दिया गया है। शिक्षकों के क्षमतावर्द्धन के लिए ट्रेनिंग की व्यवस्था है। अभिभावकों व बच्चों को भी जागरूक किया जाना है। लेकिन कोडरमा में इसकी धीमी गति को तेज करने की जरूरत है।

Posted By: Sujeet Kumar Suman

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