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Home राज्यवार मुंबई ‘मैंने नहीं कहा, IPS अफसर गिराना चाहते थे सरकार’

‘मैंने नहीं कहा, IPS अफसर गिराना चाहते थे सरकार’

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मुंबई
गृहमंत्री अनिल देशमुख ने इस बात से इनकार किया है कि उन्होंने राज्य के कुछ वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों पर सरकार गिराने की कोशिश किए जाने का आरोप लगाया है। देशमुख ने कहा कि यह आरोप पूरी तरह से निराधार है और जिस कार्यक्रम में उनके इस की बात कही जा रही है, उस कार्यक्रम की विडियो क्लिप की पूरी तरह जांच होनी चाहिए।

देशमुख ने कहा कि यह बात जबरदस्ती मेरे मुंह में डालने का प्रयास किया जा रहा है। रविवार को पुणे में देशमुख ने कहा कि मैंने आईपीएस अधिकारियों के बारे में कोई ऐसा बयान नहीं दिया है। मेरे बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है। मैंने केवल इतना कहा था कि मैं इस बारे में सार्वजनिक रूप से नहीं बोल सकता हूं।

हालांकि देशमुख के इस बयान को विपक्ष ने मुद्दा बना लिया है। विधान परिषद में विपक्ष के नेता प्रवीण दरेकर ने कहा कि देशमुख जनता का ध्यान भटकाने के लिए इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं। दरेकर ने कहा कि मुझे नहीं लगता है कि देशमुख के बयान में कोई तथ्य है। यदि उनके पास कोई सबूत है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।

नाम बताओ, वरना आंदोलन: आंबेडकर
दूसरी ओर, वंचित बहुजन आघाडी के अध्यक्ष प्रकाश आंबेडकर ने कहा कि देशमुख को सरकार गिराने की कोशिश करने वाले अधिकारियों का नाम बताना चाहिए। इतना ही नहीं, उनके खिलाफ मकोका और एनआईए जैसे सख्त कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। आंबेडकर ने कहा कि अगर गृहमंत्री देशमुख ने अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की, तो हम गृहमंत्री के खिलाफ आंदोलन करेंगे।

क्या है मामला
दरअसल, सारा मामला एक अखबार के ऑनलाइन साक्षात्कार से शुरू हुआ, जिसमें साक्षात्कारकर्ता पत्रकार ने गृहमंत्री से इस बारे में सवाल किया था। सवाल के जवाब में गृहमंत्री ने सिर्फ इतना कहा कि वह इस बारे में सार्वजनिक रूप से ज्यादा कुछ नहीं कह सकते। हालांकि अगर यह सवाल निराधार होता, तो मुख्यमंत्री इसे वहीं झुठला सकते थे। कहा जा रहा है कि महाविकास आघाडी सरकार को उखाड़ फेंकने की कोशिश जिन आईपीएस अफसरों ने की थी, उनमें एक महिला अधिकारी भी शामिल है। उन्होंने विधायकों को धमकी दी थी, ‘आप इस्तीफा दें, हमारे पास आपकी फाइलें हैं।’ इसके बाद, राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने मामले में हस्तक्षेप किया और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बालासाहेब थोरात के साथ बैठक की और इस मुद्दे को सुलझा लिया। ऐसे अधिकारियों का तबादला तत्काल साइड पोस्टिंग पर किया गया। हालांकि गृहमंत्री का कहना है कि राज्य में पुलिस अफसरों के जो तबादले हुए हैं, वे नियमित प्रक्रिया का हिस्सा हैं।

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