Advertisements
Home स्वास्थ्य Coronavirus Pandemic: कोरोना महामारी के दौरान कैंसर के मरीज़ कैसे खुद को...

Coronavirus Pandemic: कोरोना महामारी के दौरान कैंसर के मरीज़ कैसे खुद को सुरक्षित रखें

Advertisements
Publish Date:Wed, 16 Sep 2020 10:03 AM (IST)

नई दिल्ली। Coronavirus Pandemic: कई कैंसर मरीज़ों को कोरोना वायरस महामारी के दौरान हॉस्पिटल में जाकर अपना ट्रीटमेंट जारी रखने में डर लग रहा है। गुरुग्राम के पारस अस्पताल ने एक रोबस्ट कैंसर केयर फैसिलिटी लगाई है, जिससे मरीजों की पर्याप्त जांच और रोकथाम के उपाय हो सकें। पारस हॉस्पिटल्स, गुरुग्राम के पारस कैंसर सेंटर के चेयरमैन डॉ. (कर्नल) आर. रंगा राव का कहना है, “हॉस्पिटल हेल्थ केयर सिस्टम ने कम्युनिटी को ज़रूरी मेडिकल केयर प्रोवाइड कराने में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। खासकर तब जब ऐसा संकट हो। उन्होंने कैंसर मरीजों से अपने ऑन्कोलॉजिस्ट के साथ संपर्क में रहने का आग्रह किया अगर उनके लिए हेल्थ सेंटर में आना मुमकिन न हो, तो वे डिजिटल माध्यम से अपने ऑन्कोलॉजिस्ट से संपर्क में रह सकते हैं।” 

ऐसे हो रहा है कैंसर की मरीज़ों का इलाज

उनके ट्रीटमेंट प्रोसीजर को और अधिक सटीक बनाने के लिए, हॉस्पिटल ने कैंसर के मरीज़ों को तीन केटेगरी में बांटा है- हाई प्रायोरिटी (क्यूरेटिव इंटेंट), मीडियम प्रायोरिटी और लो प्रायोरिटी (पैलिवेटिव इंटेंट)। हाई प्रायोरिटी में ऐसे मरीज़ शामिल हैं, जिनकी कंडीशन बहुत क्रिटिकल है। मतलब जिनकी ज़िन्दगी दांव पर लगी है या वे जो क्लीनिकली अनस्टेबल हैं। जहां नियोजित उपचार के परिणामस्वरूप एक महत्वपूर्ण लाभ (जैसे जीवन को लंबा करना या जीवन की गुणवत्ता में सुधार) की संभावना है। 

मीडियम प्रायोरिटी में ऐसे मरीज़ शामिल हैं, जिनकी कंडीशन ख़राब है, लेकिन उनकी ज़िंदगी ख़तरे में नहीं है और उनका इलाज कुछ दिन के लिए टाला जा सकता है। हालांकि 6-8 हफ्ते की ज़्यादा देर परिणाम या लाभ पर प्रभाव डाल सकती है। 

अंतिम, लो प्रायोरिटी में वे मरीज़ शामिल हैं, जिनकी हालत इतनी स्टेबल है कि वह कोविड-19 प्रकोप के बाद अपना इलाज करवा सकते हैं और अपने इलाज में इतनी देर कर सकते हैं। इसमें ऐसे मरीज भी शामिल हैं, जिनके ट्रीटमेंट से उन्हें कोई लाभ (जीवन को लम्बा करने या जीवन की गुणवत्ता में सुधार) होने की संभावना नहीं है, ऐसे मरीजों को कम प्रायोरिटी दी जाती है। 

अपने डॉक्टर से संपर्क में रहना है ज़रूरी

डॉ. राव ने कहा, “हमारी मल्टीडिस्प्लीनरी टीम प्रत्येक मरीज़ को व्यक्तिगत स्तर पर रिव्यु करती है, ताकि यह तय हो सके कि बदलाव होने पर इलाज की ज़रूरत है या नहीं। इसलिए अपने डॉक्टर या नर्स से टेलीफोन या ईमेल माध्यम से संपर्क में रहना बहुत महत्वपूर्ण है। इससे आपको यह समझने में मदद मिलेगी कि आपके ट्रीटमेंट को कैसे और क्यों मॉडिफाई करने की ज़रूरत होती है। आपकी हेल्थ को होने वाले जोखिमों को कम करने के लिए कैंसर ट्रीटमेंट प्लान को COVID-19 से होने वाले रिस्क को कम करने के लिए एडॉप्ट किया जा सकता है।” 

“एडॉप्शन की रणनीति मेडिकल गोल के आधार पर भिन्न हो सकती है। उदाहरण के लिए, क्यूरेटिव ट्रीटमेंट को जारी रखने की संभावना यह सुनिश्चित करने के लिए सबसे अच्छा मौका है कि रिजल्ट अच्छे आएं। पैलिएटिव थेरेपी से गुज़र रहे मरीजों में कोविड-19 के ख़तरे को पोटेंशियल ट्रीटमेंट से ठीक किया जा सकता है। हमारा हॉस्पिटल अपडेट केस डिफिनिशन के आधार पर स्क्रीनिंग प्रश्नावली का उपयोग कर रहा है। पब्लिक एरिया में लगे पोस्टर के चिन्ह लक्षण वाले मरीजों से लेके हेल्थ केयर वर्कर को अलर्ट कर रहे हैं। सभी मरीज ER और स्क्रीनिंग के जरिये या तो IPD या OPD में एडमिट किये जा रहे हैं। इसके अलावा, सभी हेल्थ केयर प्रोफेशनल इन्फेक्शन की रोकथाम और नियंत्रण के लिए विभिन्न स्वास्थ्य निकायों द्वारा सुझाए गए उपायों और नियमों का पालन कर रहे हैं।”

कैंसर के मरीज़ों के सामने घरेलू इंफ्यूजन का विकल्प

अब कई कैंसर मरीज ओरल कीमोथेरेपी और कीमोथेरेपी ड्रग के घरेलू इंफ्यूजन का विकल्प चुन रहे हैं, लेकिन डॉक्टर यह नहीं सुझाते हैं क्योंकि वे अनिश्चित हैं कि मरीज़ सही ढंग से अपना इलाज करा रहे हैं या नहीं। यहां तक कि ASCO (अमेरिकन सोसाइटी ऑफ क्लिनिकल ऑन्कोलॉजी) ने कीमोथेरेपी ट्रीटमेंट के लिए भी कुछ तथ्य निर्धारित किए हैं, जिसके अनुसार जो मरीज़ डीप रिमिशन में हैं और जो मेंटेनेंस थेरेपी करा रहे हैं, कीमोथेरेपी को रोकना एक विकल्प हो सकता है। इसी तरह, उन लोगों के लिए जिनमें एडजुवेंट कीमोथेरेपी का लाभ छोटे और जहां गैर-प्रतिरक्षादमनकारी होने की उम्मीद है ट्रीटमेंट उपलब्ध हैं (उदाहरण के लिए, हार्मोन रिसेप्टर पॉजिटिव अर्ली ब्रेस्ट कैंसर के लिए हार्मोन थेरेपी या प्रोस्टेट कैंसर), COVID-19 के जोखिमों को देखते हुए कीमोथेरेपी को छोड़ना उचित हो सकता है।

Posted By: Ruhee Parvez

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस

Source link

Advertisements

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Advertisements

लोकप्रिय

आदमी चाहे बिहार में हो या उत्तर प्रदेश में अहमदाबाद या वडोदरा की लैब से भी दिला देंगे रिपोर्ट

Hindi NewsLocalGujaratWhether A Man Is In Bihar Or In Ahmedabad Or Vadodara Labs In Uttar Pradesh, He Will Also Give The Reportसूरतएक घंटा पहलेकॉपी...

IPL 2020: सैमसन के तूफान में नरम पड़े सुपरकिंग्स, रायल्स का जीत से आगाज

शारजाह: संजू सैमसन की आतिशी पारी और शानदार विकेटकीपिंग के दम पर राजस्थान रायल्स ने फाफ डुप्लेसिस के आखिरी...