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एंड्रॉयड फोन पर मंडरा रहा खतरा, चोरी हो सकता है यूजर्स का डेटा

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नई दिल्लीः क्या आपको पता है कि आपके एंड्रॉयड हैंडसेट (Android phones)की सुरक्षा खतरे में हैं. हाल ही में सिंगापुर की एक एजेंसी ने डिजिटल सिग्नल प्रोसेजर चिप (Digital signal processor chip) में खामियों खोज निकाली हैं. एंजेसी के मुताबिक एंड्रॉयड स्मार्टफोन में प्रयोग होने वाली क्वालकॉम की स्नैपड्रैगन चिप में 400 से ज्यादा खामियां हैं. ऐसे में दुनिया भर के मोबइल के करीब 300 करोड़ से ज्यादा मोबाइल यूजर्स पर हैकिंग का खतरा मंडरा रहा है. एजेंसी द्वारा खामियों की जानदारी देने के बाद क्वालकॉम ने भी जांच प्रोसेज भी शुरू कर दिया है. 

चेकपॉइंट (Checkpoint) स्कियोरिटी रिसर्चर्स ने अपने स्टेडी में पाया कि मोबाइल फोन की चिप में 400 से ज्यादा टुकड़े हैं जो यूजर्स की प्राइवेसी के लिए खतरा साबित हो सकते हैं. ऐसे में इन खामियों का हैकर आसानी से फायदा उठा सकता है.  मास्टरमाइंड हैकर यूजर्स के स्मार्टफोन की जासूसी कर मोबाइल की डिवाइस में बदलकर उससे तमाम जानकारियां जुटा सकता है. यूजर्स को इसकी कानोकाम खबर भी नहीं होगी. 

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हैकर फोटो, वीडियो, कॉल रिकॉर्डिंग, रियल-टाइम माइक्रोफोन डेटा, जीपीएस के साथ-साथ लोकेशन डेटा तक भी अपनी पहुंच बना सकते हैं. इतना नहीं हैकर चाहे तो आपका फोन फ्रीज भी सकता है. ऐसा करने आपके फोन का सारा डाटा वो अपने किसी फायदे के लिए प्रयोग कर सकता है. हैकर इनके जरिए मालवेयर इंस्टॉल कर सकते हैं जिन्हें कभी हटाया नहीं जा सकता. फिलहाल इन खामियों की जांच चल रही है. 

सुरक्षित है एप्पल आइफोन
जानकारी के लिए बता दें कि विश्व में मौजूद करीब 40 फीसदी स्मार्टफोन में इस तरह की चिप इस्तेमाल की जाती है. ये चिप अलग-अलग रेट्स और अलग-अलग श्रेणियों में बाजार में मिलती है. गूगल, सैमसंग, एलजी, शाओमी जैसे बड़े ब्रांड के प्रीमियम स्मार्टफोन में भी इस तरह की चिप लगाई जाती है. हालांकि, एप्पल आईफोन में ऐसी चिप का इस्तेमाल नहीं होता.

अपडेट करें फोन की डिवाइस 
क्वालकॉम ने भी इस रिपोर्ट के बारे में बयान जारी किया कर बताया है कि ‘चेकप्वाइंट द्वारा खोजी गई कमियों को हमने परखा और इससे जुड़ी कार्रवाई की है लेकिन अब तक हमारे पास ऐसा कोई सबूत नहीं कि किसी ने इसका फायदा उठाया हो. चेकप्वाइंट ने सभी मोबाइल फोन यूजर्स को डिवाइस अपडेट करने को कहा है. साथ ही चेकप्वाइंट ने गूगल प्ले स्टोर जैसी भरोसेमंद जगहों से एप्लिकेशन इंस्टॉल करने की बात कही है.’

 



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